सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में डीएम का औचक निरीक्षण; गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा,
उच्चतम न्यायालय की रोक के बावजूद गोल्डन फारेस्ट के खातों में डीएम ने पकड़ी अवैध गैरकानूनी 150 रजिस्ट्री
वर्षों से चल रहे स्टांप चोरी , संदिग्ध रजिस्ट्रियों का बड़ा खेल
देहरादून ।जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा उप निबंधक कार्यालय विकासनगर में किए गए औचक निरीक्षण में स्टाम्प चोरी व गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। निरीक्षण के दौरान उप रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में चल रहे स्टांप चोरी और नकली रजिस्ट्रियों के मामले सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप निबंधक विकासनगर अपूर्वा सिंह के निलंबन एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।
जिला प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई को राजस्व हितों की सुरक्षा, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण तथा पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है ।जिलाधिकारी द्वारा विगत 4 मई को उप निबंधक कार्यालय विकासनगर में औचक निरीक्षण/छापेमारी की गई थी। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कार्यालय से महत्वपूर्ण अभिलेख जब्त किए गए थे ।
वही गोल्डन फॉरेस्ट की प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्रियां का मामला भी सामने आया है जिसमें तत्कालीन कार्मिकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उच्चतम न्यायालय के आदेश द्वारा बाधित गोल्डन फारेस्ट के खातों में 150 अवैध गैरकानूनी रजिस्ट्री पकड़ी है। जांच के दौरान गोल्डन फॉरेस्ट की प्रतिबंधित भूमि की सैकड़ों रजिस्ट्रियां किए जाने की जानकारी भी प्राप्त हुई है, ।निरीक्षण एवं प्रारंभिक जांच में धारा 47-ए के अंतर्गत स्टांप शुल्क चोरी से संबंधित 47 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार यह करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। मामलों में नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही, प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन तथा रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर खामियां भी सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच कर समग्र रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान के साथ-साथ पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रारों के कार्यकाल के दौरान हुई संदिग्ध गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है।
मुद्दा टीवी, देहरादून