उत्तराखंड।HNB गढ़वाल यूनिवर्सिटी की आजकल सम सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही है। अब तक HNB की परीक्षाओं में जो प्रश्न पत्र पत्रकारिता विभाग के छात्रों को दिए जाते थे वो प्रश्नपत्र हिंदी और इंग्लिश दोनों माध्यमों में रहते थे जिससे हिंदी मीडिया के बच्चे भी आसानी से प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों को समझ सकते थे । लेकिन इस बार है BA जर्नलिज़्म द्वितीय सेमेस्टर का ‘मोबाइल जर्नलिज़्म एंड मल्टीमीडिया प्रोडक्शन” का पूरा प्रश्नपत्र इंग्लिश में दिया गया है जिससे हिंदी मीडियम से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले छात्र इस बार प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों को ही नहीं समझ पाए और इसी वजह से पढ़ाई करने के बाद भी वो उत्तरपुस्तिका में उत्तर नहीं लिख पाए।
देहरादून के एक निजी कॉलेज में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे लखनऊ के एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब एग्जाम फॉर्म भरे गए थे तब मैने हिंदी मीडियम भरा था। लेकिन मोबाइल जर्नलिज़्म एंड मल्टीमीडिया प्रोडक्शन का पूरा ही पेपर इंग्लिश में था कुछ समझ ही नहीं आया। अब जब सवाल ही समझ नहीं आया तो उत्तर कैसे लिखूंगा इस बार शायद फेल हो जाऊंगा ।लेकिन इसमें ग़लती मेरी नहीं है बल्कि HNB यूनिवर्सिटी की है उन्हें इंग्लिश मीडियम के बच्चों के साथ साथ हिंदी मीडियम के बच्चों का भी ध्यान रखना चाहिए था।
आपको बता दें HNB यूनिवर्सिटी से संबंधित कॉलेजों में उत्तराखंड के साथ साथ पूरे देश से बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और इनमें से हजारों की संख्या में ऐसे छात्र छात्राएं हैं जिनका माध्यम केवल हिंदी हैं ऐसे में अगर ये छात्र इस विषय में फेल हो जाते हैं और उनकी बैक आ जाती है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा,, ?


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