उत्तराखंड में आजकल कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चर्चा में है कहा जा रहा है की हरीश रावत पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे हैं क्योंकि हरीश रावत रामनगर के युवा नेता और पूर्व ब्लाक प्रमुख संजय नेगी को कांग्रेस ज्वाइन करवाना चाह रहे थे लेकिन ऐसा हुआ नहीं इसी वजह से उन्होंने 15 दिन की छुट्टी लेने की घोषणा कर दी। हरीश रावत की नाराज़गी वाली बात को हवा तब मिली जब खुद इस पर रामनगर के युवा नेता संजय नेगी ने मीडिया में बयान दिया । वहीं इस घटना की बात एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं की 2027से पहले क्या कांग्रेस गुटबाजी का शिकार हो रही है,,? साथ ही एक सवाल ये उठ रहा है कि रामनगर से चुनाव के लिए इस बार मैदान पर कौन उतरेगा ..?क्योंकि लोग यह भी कह रहे हैं कि संजय नेगी की कांग्रेस में एंट्री ना होने का मुख्य कारण कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व विधायक रंजीत रावत हैं क्योंकि रंजीत रावत नहीं चाहते हैं कि संजय नेगी कांग्रेस में शामिल हो। कुछ लोगो का ये कहना है कि अगर संजय नेगी कांग्रेस में शामिल होते हैं तो 2027के विधानसभा चुनाव में वो भी कांग्रेस पार्टी से टिकिट के दावेदार होंगे और ऐसे में रणजीत रावत नहीं चाहेंगे कि टिकिट की दौड़ में एक और नेता रामनगर से दंभ भरे ।
वही एक पत्रकार के द्वारा जब रंजीत रावत से एक इंटरव्यू में पूछा गया की क्या वह भी रामनगर से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि मैं चुनाव लड़ना नहीं चाहता बल्कि मैं चुनाव लड़ूंगा वह भी रामनगर से साथ ही उन्होंने कहा कि मैं पिछली बार भी रामनगर से चुनाव लड़ना चाह रहा था लेकिन हरीश रावत की वजह से ऐसा नहीं हुआ और मुझे सल्ट जाना पड़ा जबकि उस समय मेरी सल्ट में कोई तैयारी नहीं थी और अंत में हरीश रावत खुद रामनगर से चुनाव नहीं लड़े ।उन्होंने कहा कि मैं इस बार रामनगर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा हूं और में चुनाव लड़ूंगा।वही संजय नेगी के मामले में उन्होंने कहा कि संजय नेगी हरीश रावत के लिए केवल एक मोहरा है असल में वह रामनगर से अपने बेटे आनंद रावत को चुनाव लड़वाना चाहते हैं यह बात हरीश रावत कुछ समय पहले खुद अपने मुंह से रामनगर में आयोजित एक सभा में खुले मंच से कह चुके हैं ।साथ ही रंजीत रावत ने कहा कि मैं हरीश रावत को भली भांति जानता हूं वह दिखाते कुछ और हैं और करते कुछ और है।
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