आखिरकार करोड़ो भारतीयों को उस पल को जीने का मौका टीम इंडिया ने दे दिया जो पल हर भारत वासी जीना चाहता था। । 16 साल के लम्बे अंतराल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने इस बार T20 वर्ल्ड कप में अपनी जीत का परचम लहराया । इस ऐतिहासिक मौके पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टेडियम पहुंचकर टीम इंडिया को बधाई और शुभकामनाएं दी। यह जीत सिर्फ टीम इंडिया की ही नहीं बल्कि भारत के हर उस व्यक्ति की है जिसने भारत की जीत का सपना देखा था और टीम इंडिया ने उस हर सपने को सच कर दिखाया है अपने शानदार खेल से ।
भारतीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल गुयाना में खेला गया जिसमें भारत ने इंग्लैंड को 68 रनों से हरा कर फाइनल में अपनी जगह बनाई और इस बार ऐतिहासिक फाइनल मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात रन से जीत दर्ज कर विश्व कप भारत ने अपने नाम कर लिया। भारत को ये वर्ल्ड कप दिलाने में वैसे तो पूरी भारती टीम ने अहम भूमिका निभाई लेकीन दो लोगो ने एक ख़ास रोल अदा करा और ये दो लोग थे राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा । जिनको वर्ल्ड कप जीत का श्रेय जाता है जिन्होंने मुश्किल जगह पर सही निर्णय लिया और टीम को सही दिशा दिखाई।
T20 विश्व कप की शुरुआत 2007 में हुई थी। यह पहली बार 11 सितंबर से 24 सितंबर 2007 को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया था।भारत ने T20 विश्व कप को जीतने का सफर 2007 में शुरू किया था। उस समय भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंध धोनी थे और टीम कोच रवि शास्त्री थे।
भारत की टी20 विश्व कप 2007 के सेमीफाइनल मुकाबले में वेस्ट इंडीज़ टीम के खिलाफ खेला गया था। भारत ने इस मैच में वेस्ट इंडीज़ को 15 रनों से हराया था वहीं भारत ने फाइनल पाकिस्तान के खिलाफ़ खेला था जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी टीम के सामने 157 रनों का लक्ष्य रखा था और पाकिस्तान को हरा कर ऐतिहासिक पन्नो में अपनी जीत दर्ज करते हुए भारत का सीना गर्व से ऊंचा किया। इस जीत के बाद, भारत ने 2021 में फिर से सेमीफाइनल में न्यू जीलैंड को 8 विकेट से हरा कर T 20 विश्व कप की ऐतिहासिक जीत अपने नाम करी। ये जीत टीम कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की शानदार जीत थी।
ये था टीम इंडिया का t20 वर्ल्ड कप का सफर किस तरह से उन्होंने अपने आप को और बेहतर किया और इसी तरह हमे भी खुद को रोज बेहतर बनाने की कोशिश जरूर करनी चाहिए।
तुलसी त्यागी, कोटद्वार