कहते हैं अगर आपका व्यवहार दूसरे के प्रति कुशल होता है और आप अपने कार्य के प्रति समर्पित रहते हैं तो लोग आपकी तारीफ़ करना नहीं भूलते और आप अपने आस पास के लोगों के लिए एक उदाहरण बन जाते हैं। आज हम मुद्दा टीवी के इस लेख में आपको एक ऐसी ही शख्सियत के बारे में बता रहे हैं जो अपने काम के प्रति तो समर्पित है ही लेकिन अपने सहयोगी कर्मचारियों के बीच भी अपने सरल व्यवहार के लिए जानी जाती हैं और इनका नाम है श्रीमती प्रमिला टम्टा।
प्रमिला टम्टा का नाम राजधानी देहरादून में तब सुर्ख़ियों में आया जब सचिवालय संघ के चुनाव में प्रमिला टम्टा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी रेनू भट्ट को हराकर जीत हासिल की, प्रमिला टम्टा को 630 वोट मिले जबकि रेनू भट्ट को 451वोट मिले। ये जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि सचिवालय संघ में पहली बार महिला उपाध्यक्ष का पद सृजित हुआ था और इससे पहले प्रमिला टम्टा ने सचिवालय संघ के किसी भी पद के लिए कभी चुनाव नहीं लड़ा था और पहली बार में ही न केवल जीत हासिल की बल्कि प्रमिला टम्टा को सभी प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा 630वोट मिले जो दिखाता है कि प्रमिला टम्टा का व्यवहार अपने साथी कर्मचारियों के साथ कितना मजबूत होगा और कितना कुशल होगा।
आपको बता दें वर्तमान में प्रमिला टम्टा सचिवालय में अल्पसंख्यक कल्याण अनुभाग में अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले प्रमिला टम्टा एक शिक्षक के रूप में भी पहाड़ों में अपनी सेवाएं दे चुकी है। उनके साथ काम कर चुके और वर्तमान में काम कर रहे उनके सहयोगी उनकी तारीफ करते हुए कहते हैं उनके जैसा सरल व्यवहार बहुत कम लोगो में देखने को मिलता है ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं। प्रमिला टम्टा आज सचिवालय संघ में महिला उपाध्यक्ष के पद पर काबिज़ है और उनसे ये उम्मीद है कि वो सचिवालय संघ में कार्यरत महिलाओं से संबंधित मुद्दों को उचित मंच पर प्रमुखता से उठाएगी ।
मुद्दा टीवी, देहरादून