देहरादून।आजकल उत्तराखंड की राजनीति में बस एक ही नेता की चर्चा है वो है कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत। हरीश रावत के बारे में ये कहा जा रहा है कि हरीश रावत पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे हैं इसीलिए हरीश रावत अवकाश पर हैं। वही कुछ दिन पहले कांग्रेस से बीजेपी में गए बीजेपी नेता दिनेश अग्रवाल ने हरीश रावत को लेकर एक तंज कसा था इसी के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लिखा है “आज श्री दिनेश अग्रवाल जी के श्रीमुख से उज्याडू बल्द शब्द के उच्चारण से मुझे इस कथानक का आभास हुआ। उन्होंने सही कहा कि मैं उज्याडू बल्द हूँ। उत्तराखंड में 2012 में जब मंत्रिमंडल के गठन के लिए परामर्श हो रहा था, तो अब मैं महसूस करता हूँ कि मैंने वास्तविक अर्थों में उज्याडू बल्द की भूमिका अदा की। हक और परिस्थितियां चीख-चीख कर कह रही थी कि मंत्रिमंडल में श्री मयूख महर, विधायक पिथौरागढ़ सम्मिलित होने चाहिए। मैंने पार्टी से आग्रह किया कि मयूख मेरी बात मान लेंगे और उनको योजना आयोग का चेयरमैन बनाया जाए और कैबिनेट मिनिस्टर का दर्जा दिया जाए और उनके स्थान पर दिनेश अग्रवाल जी को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए। मेरा आग्रह प्रबल था, स्वीकार हुआ और उसका परिणाम 2024 में देखने को मिला, जब श्री दिनेश अग्रवाल को कांग्रेस पार्टी, जिस पार्टी के साथ उनका वर्षों का संबंध रहा था, उसको ठीक लोकसभा के चुनाव के समय में छोड़ना पड़ा। मुझे पता चला कि उनके इस निर्णय में मोथरोवाला का बड़ा योगदान था। न वो मंत्री बनते, न मोथरोवाला होता और न उनको कांग्रेस छोड़नी पड़ती। उधर पिथौरागढ़ में भी मेरे उस निर्णय ने कांग्रेस में कुछ असंतुलन पैदा किया तो मैं, जो उज्याडू बल्द कहा गया है, उस संबोधन को आंशिक रूप से स्वीकार करता हूँ” । इस पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिनेश अग्रवाल को कही न कही ये कहने की कोशिश की है कि अग्रवाल जी आज आप मेरे बारे में कुछ भी कटाक्ष कर ले लेकिन आप मंत्री मेरी वजह से ही बने थे और आपको मंत्री बनाने की वजह से मैं पार्टी में कई लोगों की नाराज़गी का शिकार हुआ।