जम्मू-कश्मीर के कठुआ ज़िले से एक दुखद खबर सामने आयी है, बताया जा रहा है कि सोमवार लगभग साढ़े ३ बजे बिलावर उपजिले में बदनोता के बरनूद इलाक़े में जेंडा नाले के पास सेना के २२ गढ़वाल रायफ़ल्स के वाहन पर आतंकियों ने हमला कर दीया। इस हमले में १० जवानों पर ग्रेनाइड फेंक कर और फिर अंधाधुंध गोलीया चलाकर हमला किया गया। जिनमे से ५ जवान घायल और जूनियर कमीशंड अधिकारी(जेसीओ) सहित ४ सैनिक शहीद हो गये।
बताया जा रहा है कि, आतंकी उचाई वाले इलाक़े से सेना के जवानों पर घात लगाये बैठे थे और जैसे ही मौक़ा मिला, उन्होंने पहले ग्रेनाइड फेंका और फिर जवानों पर अंधाधुँध फ़ायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों की ओर से स्टील बुलेट के इस्तेमाल की शंका भी जतायी जा रही है।
आतंकियों को पकड़ने की तैयारी
सेना के ऑपरेशन में अब पैरा कमांडो भी शामिल कर लिये गये हैं। उन्हें एयरलिफ़्ट कर उसी इलाके में भेजा है, जहां से आतंकियों ने सेना के जवानों पर हमला किया था। शाम को भारी बारिश और धुँध का माहौल था लेकिन फिर भी पूरे इलाक़े को घेराबंद कर लिया है और आतंकियों को धर दबोचने की पूरी तैयारी है।वही घायल जवानों को चिकित्सा के लिए पठानकोट के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया है और ज़्यादा सिक्योरिटी के लिए बदनोता रास्ते से वहनों के आने जाने पर रोक लगा दी है।आपको बता दें आतंकियों ने जिस क्षेत्र पर हमला किया था वो क्षेत्र उधमपुर के बसंत इलाक़े से जुड़ता है और वहाँ कई बार ऐसे आतंकी हमले देखे जा चुके हैं। तो यही आशंका लगायी जा रही है कि घुसपैठ मैदानी इलाको पर इसी रास्ते से पहुचते होंगे।
पहले भी हुए हैं ये आतंकी हमले
रविवार को ही जम्मू में राजौरी में सेना के कैम्प पर हमला होने से एक जवान घायल हो गया था और इसे भी आतंकी हमला ही माना जा रहा है। इससे पहले कुलगाम ज़िले में शनिवार को दो मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सेना ने छह आतंकियों को मार दिया था ।वही सेना के २ जवान भी शहीद हो गए थे। 26 जून को डोडा में तीन आतंकी मार गिराए थे।
रेशम खान। मुद्दा टीवी