कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हमेशा चर्चा में बने रहते हैं, 3 महीने दिल्ली में रहने के बाद जब वो उत्तराखंड वापस आते हैं तो सोशल मीडिया में छा जाते हैं। उनकी उत्तराखंड में एंट्री एक नायक के रूप में होती है पेंट और टी शर्ट पहने हुए पीछे गाड़ियों का काफिला सड़क के दोनों तरफ हाथ में फूल मालाएं लिए स्वागत में खड़े उनके चाहने वाले जोर जोर से हरीश रावत के लिए नारे लगा रहे थे। ये सारा नज़ारा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे हरीश रावत एक बड़ी जंग जीतकर वापस लौटे हो। जिस दिन हरीश रावत देहरादून पहुंचते हैं उस दिन पुरे दिन नेशनल मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक हरीश रावत ही छाए रहते हैं ।अगर हम उत्तराखंड के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों की बात करे तो इन सब पूर्वमुख्यमंत्रियों में हरीश रावत ही इकलौते पूर्व मुख्यमंत्री है जिनकी फैन फ़ॉलोइंग आज भी सबसे ज्यादा है चाहे कुमाऊँ हो, गढ़वाल हो, जौनसार हो, उत्तराखंड का तराई वाला भाग हो आज भी हरीश रावत के चाहने वालों की कमी नहीं है । आज भी हरीश रावत जिस ओर निकल जाते हैं उनके समर्थक बिन कहे ही उनसे मिलने आ जाते हैं आज भी सोशल मीडिया में उनके वीडियो और उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट को लाखों लोग पढ़ते हैं सुनते हैं और देखते हैं। ऐसे में अब जब उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को कुछ हीं महीने बचे हैं मीडिया में और राजनीतिक गलियारों में एक सवाल हर कोई जानना चाहता है कि आखिर हरीश रावत चुनाव लड़ेंगे या नहीं ?और लड़ेंगे भी तो उत्तराखंड की किस विधानसभा से लड़ेंगे,,? क्योंकि हरीश रावत जिस तरह से लोगो के बीच जा रहे हैं मुलाकात कर रहे हैं और जिस तरह से हरीश रावत एक्टिव मोड में है उसे देखकर कोइ भी आदमी जो राजनीति की बहुत कम समझ रखता है कह सकता है कि हरीश रावत चुनाव जरूर लड़ेंगे क्योंकि कोई भी योद्धा युद्ध की तैयारी तभी करता है जब उसे पता होता है कि समय आने पर उसे युद्ध करना ही होगा चाहे परिस्थितिया कैसी भी हो।
हरीश रावत ने कुछ दिन पहले ये कहा था कि वो हरिद्वार से चुनाव लड़ेंगे अगर हरीश रावत हरिद्वार से चुनाव लड़ते हैं तो ये पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का एक सही निर्णय हो सकता है क्योंकि हरिद्वार से ही हरीश रावत सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में हरिद्वार ग्रामीण से हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत विधायक हैं और हरिद्वार ज़िले में कांग्रेस की स्थिति अन्य जिलो की अपेक्षा ज्यादा मजबूत है ।एक दूसरा और महत्वपूर्ण पक्ष ये है कि हरीश रावत जिस उम्र में है इस उम्र में ज्यादा दौड़ भाग करना स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है चुनाव के समय ज्यादा दौड़ भाग करने में परेशानी हो सकती है क्योंकि हर दिन सैकड़ों लोगो से मिलना और रैलियां करना, यात्रा करना, लगातार भाषण देना अपने आप में इस उम्र में एक चैलेंज होता है ऐसे में जरूरी हो जाता है पूर्व मुख्यमंत्री दिन भर की भागदौड़ के बाद शाम को अपने घर वापस आए और पुरी नीद ले क्योंकि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन से ही चुनावी रणनीति बनाई जा सकती है। और इन सब के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के लिए हरिद्वार सबसे अच्छी सीट हो सकती है। हरिद्वार देहरादून से बस 1घंटे की दूरी पर है और हरीश रावत आसानी से हरिद्वार के लोगो तक पहुंच सकते हैं, रैलियां कर सकते हैं और शाम को अपने घर वापस आ सकते हैं और अगले दिन के लिए चुनावी रणनीति बना सकते हैं।
देवेंद्र प्रसाद, प्रधान संपादक Mudda TV