पिथौरागढ़। उत्तराखंड शासन के सचिव संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग दीपक कुमार ने जनपद पिथौरागढ़ का भ्रमण किया। इस अवसर पर विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। और विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।विशेष रूप से सचिव ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निरंजन प्रसाद ने जानकारी दी कि अब तक मुख्यमंत्री घोषणाओं की कुल संख्या 642 में से 222 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और 189 पर कार्य प्रगति पर है वहीं 130 शासन/निदेशालय स्तर पर लम्बित हैं और 90 जनपद स्तर पर, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही की जा रही है तथा 11 विलोपित हो चुकी हैं।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं एवं योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए ताकि आम जनता को इसका लाभ समय पर मिल सके। दीपक कुमार ने कहा कि सरकार जनता के द्वार , अनुशासित प्रदेश और भय मुक्त समाज कार्यक्रम, माननीय मुख्यमंत्री के विकल्प रहित संकल्प के मुख्य आधार हैँ जिन पर मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा समय समय पर समीक्षा की जाती है।बैठक के दौरान सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं और चुनौतियों की भी जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और जनकल्याणकारी नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करना ही हम सबकी जिम्मेदारी है।बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, जिला विकास अधिकारी रामा गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नबियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरक राम कोहली सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इससे पहले सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार द्वारा आदर्श संस्कृत ग्राम उर्ग का भ्रमण किया गया, ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए सचिव ने कहा कि बुजुर्ग , मातृशक्ति सहित सभी ग्रामवासी संस्कृत भाषा बोलना लिखना सीख सकते है जिसके लिए विभाग द्वारा प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है,। साथ ही बताया कि संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार के लिए सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे है , भविष्य में अगर बच्चों की संख्या बढ़ती है तो संस्कृत ग्राम में संस्कृत प्राथमिक विद्यालय खोला जाएगा वहीं इस मौके पर ग्रामीणों द्वारा सचिव महोदय को ग्राम की समस्याओं एवं ग्राम मैं स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थिति से अवगत कराते हुए ज्ञापन दिया गया
। सचिव द्वारा मातृ शक्ति को संस्कृत भाषा सीखने हेतु प्रेरित किया एवं ग्राम प्रशिक्षक को निर्देशित किया कि वो महिलाओं के संस्कृत भाषा प्रशिक्षण हेतु अलग से समय निकालकर उनको प्रशिक्षित करें । इसके बाद सचिव दीपक कुमार ने मां कामाख्या नर्मदेश्वर उत्तर मध्यमा संस्कृत विद्यालय कैलाश आश्रम सुवाकोट का निरीक्षण किया । जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों , स्टाफ एवं विद्यालय की समस्याओं के बारे म जानकारी ली। इस भ्रमण दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी, सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा, बीडीओ मुनाकोट, बिन, तहसीलदार पिथौरागढ़ सहित ग्राम प्रधान , बहुत अधिक संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।