अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर विधानसभा सीट पर विधायक मोहन सिंह मेहरा से जनता की नाराज़गी और कमजोर चेहरों पर दाव खेलना बीजेपी को भारी पड़ गया यहां बीजेपी 9 में से केवल 1 सीट जीत पाई हालात इतने खराब रहे कि इस विधानसभा से बीजेपी विधायक मोहन सिंह मेहरा अपनी परंपरागत सीट डूंगरा भनोली में भी जीत नहीं दिला सके और ये सीट भी कांग्रेस ले गई। यहां से कांग्रेस की हेमा देवी ने 1800 वोटो से जीत दर्ज की है।
आपको बता दें जागेश्वर विधानसभा में टिकट वितरण के बाद बीजेपी के कई बड़े नामों में असंतोष देखने को मिला था तब बताया जा रहा था कि जागेश्वर से बीजेपी विधायक मोहन सिंह मेहरा ने जागेश्वर विधानसभा से कई दमदार प्रत्याशियों को टिकट न दिलवाकर अपने नजदीकी कुछ ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिलाया था जिनका कमज़ोर जनाधार था इनमें से एक नौगांव सीट से बीजेपी प्रत्याशी लता आर्य का पति वीरेन्द्र आर्य पर तो अपने ही क्षेत्र में करोड़ों के घोटाले के आरोप थे वीरेंद्र आर्य की छवि इतनी खराब थी कि लोगों के अनुसार वो अपनी पत्नी लता आर्य के लिए वोट मांगने के लिए क्षेत्र मैं लोगों के बीच तक नहीं गया । इस सीट पर वीरेंद्र आर्य की घोटालेबाज़ नेता की छवि का खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ा यही वजह है कि नौगांव सीट से बीजेपी प्रत्याशी लता आर्य तीसरे स्थान पर रही उसे केवल 1312 वोट मिले। वहीं दूसरी 8 सीटों में 1 सीट छोड़कर 7 अन्य सीटों में भी बीजेपी का हाल बुरा रहा बीजेपी केवल 1सीट भैसोड़ी जीतने में सफल रही यहां से बीजेपी की श्वेता ने जीत हासिल की।
आपको बता दें जागेश्वर विधानसभा की नौ से छह सीटों पर कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। दो सीट निर्दलियों के खाते में गई हैं और एक सीट बीजेपी को मिली है ।
कांग्रेस के पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के सामने सियासी दाव में कही नहीं टिके बीजेपी विधायक मोहन सिंह मेहरा
अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर विधानसभा में जिला पंचायत की नौ सीटें हैं। यहां से पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और वर्तमान में बीजेपी विधायक मोहन सिंह मेहरा की प्रतिष्ठा दाव पर लगी थी लेकिन कांग्रेस के दिग्गज़ नेता गोविंद सिंह कुंजवाल ने ना केवल अपनी बहु सुनीता कुंजवाल को ऐतिहासिक जीत दिलाई बल्कि कांग्रेस के 6 सदस्यों को जीताकर अपनी पकड़ से अपने विपक्षियों को एक बड़ा झटका दिया। वही बीजेपी विधायक मोहन सिंह मेहरा हर मोर्चे पर फेल नज़र आए वो अपनी परंपरागत सीट में तक जीत नहीं दिला पाए। वहीं अब 8 सीटों पर करारी हार के बाद विधायक मोहन सिंह मेहरा का पार्टी के अंदर भी राजनीतिक कद ना केवल घटेगा बल्कि अब विधायक से शायद पार्टी सवाल भी करेगी कि क्यों आपने अपने चहेतो को टिकट दिलाकर पार्टी को नुकसान पहुंचाया क्यों नहीं आपने जमीनी हकीकत से पार्टी को अवगत कराया ? वही बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता जागेश्वर विधानसभा में पार्टी की इतनी बुरी हार के लिए विधायक मोहन सिंह मेहरा को ही जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि टिकट वितरण में कार्यकर्ता की नहीं सुनी गई अगर कार्यकर्ताओ की सुनी गई होती तो परिणाम इतना बुरा नहीं होता। जो भी हो अगर जागेश्वर विधानसभा में विधायक मोहन सिंह मेहरा ने अपनी छवि नहीं सुधारी और क्षेत्र में विकास कार्य पर ध्यान नहीं दिया तो बीजेपी को 2027में कही ये सीट गंवानी न पड़ जाए।
मुद्दा टीवी।