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अल्मोडा, अधिशासी अभियंता जल निगम ने एसडीएम अल्मोड़ा को दिया गलत फीडबैक, मनीआगर गांव में टल गया बड़ा बवाल, गांव वालो ने अधिशाषी अभियन्ता पर लगाए पैसे खाने के आरोप

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आप सोचिए किसी गांव में 55 परिवार पिछले 30 सालों से बिना पानी के कनेक्शन के हो और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हो और डीएम अल्मोड़ा, और पेयजल के अधिकारियों को पिछले 5 सालों से लगातार पत्र लिख रहे हो और कोई सुनवाई ना हो वही सरकार की सब्सिडी लेकर बसे एक होटल व्यापारी के लिए एक अधिशासी अभियंता पुरी पुलिस फोर्स को लेकर पानी दिलाने के लिए आता है और गांव वाले उग्र हो जाते हैं और पथराव की स्थिति पैदा हो जाती है अगर किसी महिला, बुजुर्ग और बच्चे के साथ कोई घटना घटती तो जिम्मेदारी किसकी होती।

अलमोड़ा ।मनियागर  गांव जो की अल्मोड़ा से केवल 24 किलोमीटर की दूरी पर है यहां के 55 परिवार पिछले  पांच सालों से पीने के पानी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं ये लोग पूर्व डीएम अल्मोड़ा वंदना सिंह और वर्तमान डीएम अल्मोड़ा विनीत  तोमर को भी पानी के कनेक्शन के लिए पत्र लिख चुके हैं। जल निगम के सभी अधिकारियों को यह पत्र लिख चुके हैं लेकिन आज तक इनके घरों में पानी का कनेक्शन नहीं लगा जबकि पानी के नाम पर लाखों का घोटाला इस गांव में हो चुका है। वर्तमान में पानी की एक योजना इसी गांव में चल रही है जो कि गांव के लोगों के लिए आई है लेकिन ग्राम प्रधान राखी देवी ,सरपंच रघुनाथ प्रसाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बहादुर राम सहित  ग्रामीणों ने बताया कि अधिशासी अभियंता अल्मोड़ा संजीव वर्मा के द्वारा कुछ दिन पहले ठेकेदार और जूनियर इंजीनियर दीपक जोशी के साथ गांव में बिना ग्राम प्रधान सरपंच और छेत्र पंचायत को सूचित किए  एक बाहरी गांव के होटल व्यवसाई राजकुमार अग्रवाल के लिए पानी की लाइन  देने का  कार्य प्रारंभ कर   दिया गया जबकि  पंचायती राज एक्ट के तहत नियम यह है कि गांव में कोई भी कार्य करने से पूर्व ग्राम पंचायत का प्रस्ताव लिया जाता है और ग्राम प्रधान को सूचित किया जाता है । लेकिन अधिशासी अभियंता  जलनिगम संजीव वर्मा ने बिना ग्राम पंचायत का प्रस्ताव लिए और बिना प्रधान को सूचित किए ही होटल व्यापारी राजकुमार अग्रवाल को होटल के लिए पानी  का कनेक्शन देने के लिए गांव में कार्य प्रारंभ कर दिया इसके विरोध में जब ग्राम प्रधान और पंच सहित गांव के लोगों ने कहा कि पहले गांव के 55 परिवारों के घरों में पानी का कनेक्शन लगाइए और उसके बाद होटल व्यापारी को व्यापार करने के लिए पानी दीजिए तो इस पर अधिशासी अभियंता ने पुलिस की धमकी दी और काम शुरू कर दिया यह बात है 31 जनवरी की हैं । लेकिन काम शुरू करते ही भारी तादात में महिलाएं बच्चे और बुजुर्गों ने इसका विरोध किया और भूख हड़ताल पर जाने की धमकी दी जिसके बाद अधिशासी अभियंता वापस पुलिस की धमकी देकर चला गया।

उसके बाद कल 1 फरवरी को अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा पुलिस फोर्स के साथ मनियागर गांव में महिला पुलिस और एसडीएम अल्मोड़ा के साथ आते हैं और गांव में फिर से बिना ग्राम प्रधान और ग्राम वासियों से बात किए होटल व्यापारी को पानी देने का कार्य शुरू कर देते हैं यह घटना लगभग 11:00  बजे सुबह की है इस समय गांव की ही पटवारी चौकी पर सैकड़ो महिलाएं बुजुर्ग और जवान इकट्ठा होकर आंदोलन कर रहे होते हैं जैसे ही उन्हें पता चलता है की पुलिस फोर्स और एसडीएम की मौजूदगी में अधिशासी अभियंता द्वारा होटल व्यापारी को पानी दिया जा रहा है तो तुरंत भीड़ जिस जगह पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है वहां पहुंच जाती है । और पथराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है गांव के कुछ बुजुर्गों  के हस्तक्षेप की बाद वास्तविक स्थिति एसडीएम अल्मोड़ा को बताई जाती है और उन्हें बताया जाता है कि आज भी मनियागर गांव में 55 परिवारों के घरों में पानी का कनेक्शन नहीं है और ये भी बताया जाता है जिस मानव आयोग का पत्र दिखाकर अधिशाषी अभियन्ता संजीव वर्मा गांव के लोगों को पुलिस की धमकी दे रहा है उस मानव आयोग के पत्र में  यह  कही भी नहीं लिखा है की  मनीआगर गांव से ही होटल व्यापारी राजकुमार अग्रवाल को पानी दिया जाए साथ ही यह भी बताया जाता है कि राजकुमार अग्रवाल तोली ग्राम सभा में आता है और राजकुमार अग्रवाल के द्वारा पहले भी गांव में अराजकता का माहौल फैलाया गया है जिसकी कंप्लेंन धोलादेवी पुलिस थाने में गांव वालों के द्वारा पीछले साल की गई है जिस पर पीछले मार्च राजकुमार अग्रवाल का परिवार पूरे गांव से माफ़ी मांग चुका है।

गांव वाले आरोप लगाते हैं की अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा के द्वारा राजकुमार अग्रवाल से पैसे लिए गए हैं जिस कारण वह दादागिरी दिखाते हुए बिना प्रधान की सहमति के बिना सरपंच की सहमति के और बिना ग्रामीण वासियों की सहमति के लोगों को डरा धमकाकर जबरदस्ती होटल व्यापारी राजकूमार अग्रवाल को पानी देने की कोशिश कर रहा है वरना पेयजल निगम के अधियारियो को व्यापारी की तो चिंता है लेकिन गांव के उन गरीबों की चिंता नही है जो पेयजल निगम के अधिकारियो से पीछले 5 सालो से कनेक्शन की गुहार लगा रहे है जबकि रामकुमार अग्रवाल को होटल बनाएं अभी 6 महीने भी नही हुए है । इसके बाद एसडीएम अल्मोड़ा स्थिति को समझते हैं और मानते हैं कि उनको भी अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा के द्वारा गलत फीडबैक दिया गया था और बताया गया था कि गांव वालों के द्वारा दादागिरी दिखाते हुए राजकुमार अग्रवाल को पानी नहीं दिया जा रहा है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है । इसके बाद एसडीएम अल्मोड़ा लोगों को शांत करते हैं और वादा करते हैं की बहुत जल्द उन 55 परिवारों के घरों में नल लगेगा ।

सवाल यह है की एक तरफ बीजेपी सरकार कहती है हर घर नल हर घर जल वही एक अधिशासी अभियंता जिसकी जिम्मेदारी है कि वह पहले मनियागर गांव की गरीब और वंचितों के घरों में नल लगाएं उनके लिए पीने की पानी की व्यवस्था करें लेकिन इसके विपरीत अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा एक होटल व्यापारी को पानी देने के लिए पुलिस फोर्स के साथ पहुंच जाता है अगर इतनी ही उत्सुकता  संजीव वर्मा ने  उन गरीबों के लिए दिखाई होती जिनके घरों में आज तक पानी का नल नहीं है तो यह गरीब अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा की जय जयकार करते और उन्हें दुहाई देते लेकिन यह एक दुर्भाग्य है उत्तराखंड राज्य के भोले भाले पहाड़ी लोगों  का की इनकी सुनने वाला कोई नहीं है । कहने को तो मनियागर गांव अनुसूचित गांव है और आदर्श गांव की सूची में आता है लेकिन आदर्श जैसा कोई काम यहां नहीं हुआ है आज भी गर्मियों में लोग बूंद पानी के लिए तरसते हैं सिस्टम के खिलाफ लोगों में आक्रोश है और यह आक्रोश तब तक रहेगा जब तक इन 55 परिवारों के घरों में पानी नहीं लग जाता।

पटवारी चौकी से काम रोकने के लिए नीचे की ओर आती उग्र भीड़

देवेंद्र प्रसाद, एडिटर इन चीफ, मुद्दा टीवी।

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