सिक्किम । मंगलवार रात को बादल फटने के कारण तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई। जिसके कारण 10 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी साथ ही 82 लोग अभी भी लापता है जिनमें सेना के 22 जवान भी शामिल है। वही जानकारी के मुताबिक बाढ़ में 14 पुल ढल गए है और तीस्ता बांध बंद पर काम कर रहे करीब 14 मजदूर अभी भी सुरंग में फंसे हुए हैं साथ ही सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में 3000 से भी अधिक पर्यटकों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है
22 जवान के लापता होने की ख़बर
बताया जा रहा है की आर्मी कैंप तीस्ता नदी से लगे इलाके में ही स्थित था। बाढ़ आने के कारण वह इलाका भी बाढ़ में बह गया और वहा पर खड़ी 41 गाडियां भी डूब गई। वही बताया जा रहा है की हादसे के बाद जवानों की तलाशी के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। डिफेंस प्रो के मुताबिक सिक्किम में देर रात करीब डेढ़ बजे बादल फटा। जिसके बाद तीस्ता नदी में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और नदी का जलस्तर अचानक से 15 से 20 फीट तक बढ़ गया। साथ ही लोगो को घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों में जाना पड़ा। इससे पहले सिक्किम में 16 जून को भी बदल फटा था। जिससे उसे समय भी बहुत जान माल का नुकसान हुआ था और कई लोग से प्रभावित भी हुए थे
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिक्किम में आई बाढ़ से होने वाले नुकसान और लोगों की मौत पर दुख जताया है। साथ ही एक पोस्ट में उन्होंने कहा की सिक्किम में बाढ़ से सेना के प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हुआ और बाढ़ में सेना के जवान लापता हो गए। मैं सभी लापता लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हूं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।
साक्षी सिंह, नेशनल डेस्क, मुद्दा टीवी ख़बर