कुशीनगर,यूपी।
जनपद में अवैध कोचिंग सेंटरों का जाल बिछा हुआ है। कदम-कदम पर छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के गाढ़ी कमाई पर गिद्ध दृष्टि लगाए हुए कोचिंग सेंटर संचालकों की कहानी अलग ही है। शासन के द्वारा बिना पंजीकृत कोचिंग सेंटरों को अवैध घोषित किया गया है तथा इसके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की गई है,परंतु धरातल पर यह कार्रवाई शून्य है,और जिम्मेदार भी इसको लेकर उदासीन है। कुछ पढ़े-लिखे बेरोजगार लोगों के द्वारा छात्र छात्राओं को पढ़ाकर अपनी रोजी चलाना तो है ही पर सरकारी कर्मचारी वह भी लेखपाल के पद पर आसीन व्यक्ति पडरौना में एक बड़े कोचिंग सेंटर का संचालन करता है और आश्चर्य की बात तो यह भी है कि इसके पूर्व की जांच में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा उक्त कोचिंग सेंटर पर अर्थदंड की कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया गया था। इस बात को संज्ञान में लेते हुए उदित नारायण डिग्री कॉलेज के छात्र नेता रितेश रजत दुबे एवं उनके साथियों के द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक को एक बार पुनः अर्थदंड की कार्रवाई किए गए उक्त कोचिंग सेंटर पर अब तक हुए कार्रवाई के विषय में जानकारी मांगी गई तो जिला विद्यालय निरीक्षक ने और जानकारी के लिए कुछ समय मांगा। शुक्रवार को डीआईओएस ने कहा कि संबंधित को एक बार पुनः नोटिस जारी करते हुए 3 दिन का समय दिया गया है। 3 दिन के भीतर यदि समुचित उत्तर नहीं मिला तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि इसी संदर्भ में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल भी जिलाधिकारी कुशीनगर रमेश रंजन से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई तथा छात्र-छात्राओं के हो रहे शोषण पर अंकुश लगाने की मांग की। जिलाधिकारी ने पत्रकारों की बातों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराकर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बता दें कि उक्त कोचिंग संचालक के द्वारा खुलेआम अपने धन बल की बात कहीं जा रही है।
मुद्दा टीवी ख़बर।
*शिक्षक तो शिक्षक अब लेखपाल चला रहा है कोचिंग सेंटर