कुशिनगर। कसया थाना क्षेत्र के गांव जिगना में शुक्रवार को एक अर्धजलला शव मिला । शव को कुत्तों द्वारा नोचते देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।सूचना के बाद मौके पर पहुँची कसया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अन्त्य परीक्षण हेतु भेज दिया। घटना स्थल पर सीओ कसया,एसओ कसया,एडिशनल एसपी ने घटना स्थल पर पहुंचकर घटना के की जनकारी ली।बरामद शव की पहचान नूर सलाम कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सखवनिया बुजुर्ग के बढ़या छापर के रूप में हुई है। डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुँच आगे की जांच में जुट गई। मिली जानकारी के अनुसार कुबेर स्थान थाना क्षेत्र के गांव सखवनिया बुजुर्ग के टोला बढ़याछापर निवासी लियाकत के 22 वर्षीय बेटे नूर सलाम का अर्धजला शव कसया थाना क्षेत्र के गांव जिगना जोगीबीर बाबा स्थान के समीप साकिर के धान के कटे हुए खेत में मिली।जहाँ युवक के गले पर व हाथ कटे का निशान था। वहां पहले से रखे पुआल में शव को जला दिया गया था। सूचना पाकर पहुँची स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए डॉग स्क्वायड व फॉरेंसिक टीम को बुलाई। मौके पर पहुँची टीम कार्यवाही में जुट गई।
एक सप्ताह पूर्व ही मुंबई से कमाकर घर पहुँचा था नूर सलाम
बताया जा रहा है कि मुम्बई से एक सप्ताह पूर्व युवक अपने घर पहुँचा था। गुरुवार की रात्रि युवक अपने घर से खाना खाने के बाद किसी निमंत्रण में जाने की बात कहकर निकल गया। जब कुछ रात हुई तो घर वालों ने युवक की खोजबीन शुरू की लेकिन गांव में कहीं उसका अता-पता नहीं चला तो घर वाले युवक के मोबाइल पर फोन करना चालू कर दिया।लेकिन फोन स्विच ऑफ बता रहा था। युवक कहाँ गया इसका कुछ पता नहीं चल पाया ईधर जैसे ही सुबह हुई तो जिगना में शव मिलने की सूचना आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई।
मृतक के पिता ने बताया कि गुरुवार की शाम को लगभग सात बजे घर से खाना खाकर यह कहते हुए कि मुझे एक निमंत्रण में जाना है घर से चला गया। देर रात जब मृतक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। आसपास फोन करके पता लगाने की कोशिशें की लेकिन कुछ भी पता न चल सका। इसी बीच मृतक नूर सलाम के मोबाईल पर भी उसके परिजनों ने फोन मिलाया तो उसका मोबाईल स्विच ऑफ मिला। किसी तरह रात गुजरी और जैसे ही काली रात की सुबह हुई किसी ने देखा कि कुत्तों द्वारा एक अधजली लाश को नोच-नोच कर खाया जा रहा है। यह बात पूरे गाँव समेत आस-पास के गांवों में आग की तरह फैल गई।
इसी बीच मौके पर कसया थाने की पुलिस पहुंची और गहन छानबीन करने के बाद शव को अन्त्य परीक्षण के लिए भेज दिया।
ग्रामीण जब खेत में लाश के पास पहुँचे तो देखा कि धान के खेत में जली हुई अर्ध शव नूर सलाम का ही है। शव को देखते ही दिव्यांग पिता लियाकत, माता जलेखा और बहन दहाड़े मार-मारकर रोने लगे।समाचर लिखें जाने तक डॉग स्क्वायड की टीम गांव में हत्यारोपियों के खोजबीन में जुटी हुई थी।गांव से दो लोगों को शक के आधार पर पुलिस ने पूछताछ के लिए अपने साथ भी ले गयी।
आफताब आलम, कुशीनगर मुद्दा टीवी ख़बर।