हल्द्वानी। जिलाधिकारी और डीएफओ ने कहा है कि मानसून सीजन आ चुका है और और प्रशासन की ओर से सारी व्यवस्था दुरुस्त हैं, लेकिन इन सब के बीच अगर बात करें चकड़ामो की तो चकडामों के हालात कुछ और बयां कर रहे हैं,।
वही एक परिवार गौला नदी के कटाव वाले क्षेत्र में अभी भी रह रहा है, यह नदी का किनारा है जहां प्रतिवर्ष नदी कई बीघा जमीन नस्तेनाबूद कर देती है,।यह परिवार खतरे की जद पर है, वही इसके आसपास पानी के कटाव को रोकने के लिए पूर्व में बने चकडामो की स्थिति अत्यधिक खराब है, ऐसे में अगर नदी का बहाव तेज होता है तो स्थिति दयनीय हो सकती है,।
वही डीएफओ तराई संदीप कुमार के अनुसार नदी में चैनल बनाए गए हैं, जिनसे नदी का बहाव दूसरी ओर कट जाएगा,डीएफओ के अनुसार 43 कंट्रोल रूम और 16 वायरलेस सिस्टम एक्टिवेट किए गए हैं जिन की मदद से ग्रामीण 24 घंटे मै कभी भी कंट्रोल रूम के कांटेक्ट में रह सकते हैं,।
आपको बता दें कि देवरामपुर हल्दुचौड का वह क्षेत्र है जो नदी के किनारे हैं और प्रतिवर्ष यहां कई बीघा जमीन नदी अपने साथ बाहर ले जाती है , पिछले वर्ष कई मकान पानी के बहाव मे बह चुके हैं ,अगर नदी का बहाव ज्यादा भी होता है तो अधिकारियों के मुताबिक कटाव की संभावनाएं कम है
रिपोर्टर:- राहुल दुम्का