हरिद्वार । संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने आदर्श संस्कृत ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी ब्लॉक बहादराबाद का निरीक्षण किया और ग्रामवासियों से संवाद करते हुये कहा कि संस्कृत भाषा को अपने दैनिक दिनचर्या से जोड़ने की आवश्यकता है जैसे बच्चे परिवारिक वातावरण में सुन-सुनकर भाषा को बोलना सीखते हैं उसी प्रकार श्रवण संस्कार के माध्यम से संस्कृत भाषा को सीखने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने ग्रामवासियों से संस्कृत भाषा में संवाद किया तथा ग्रामीणों ने अपना परिचय संस्कृत भाषा में दिया। वही इस मौके पर उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो. मनोज किशोर पंत ने कहा कि संस्कृत ग्राम में संस्कृत भाषा के साथ साथ ही संस्कारवान वातावरण स्थापित किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। वही संस्कृत सचिव ने जगतगुरु आश्रम कंखल में शंकराचार्य जगतगुरु श्री राजराजेश्वराश्रम महाराज से उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में संस्कृत के उत्थान हेतु क्या-क्या किया जा रहा है और भविष्य में क्या-क्या किया जा सकता है, पर चर्चा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस मौके पर पर उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश कुमार, उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के प्रकाशन अधिकारी किशोरी लाल रतूड़ी, संस्कृत ग्राम प्रशिक्षक डॉ. करुणा गुप्ता व संस्कृत ग्रामवासी उपस्थित रहे।