देहरादून — अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए अधिवेशन कार्यालय का उद्घाटन रविवार को देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में वैदिक हवन एवं विधिवत पूजन के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष एवं अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. मिलिंद मराठे और अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा अभाविप उत्तराखंड प्रांत के अध्यक्ष जे.पी. भट्ट और प्रांत मंत्री ऋषभ रावत उपस्थित रहे। शिक्षा, पर्यावरण एवं समाज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन तथा आगामी वर्षभर के कार्यों की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रतिवर्ष राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन देश के विभिन्न विभिन्न शहरों में करती है। इस वर्ष यह अधिवेशन देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 28, 29 और 30 नवंबर को आयोजित होगा, जिसमें देशभर से लगभग 2000 विद्यार्थी, प्राध्यापक, शिक्षाविद एवं समाजसेवी भाग लेंगे। अधिवेशन में शिक्षा, समाज और पर्यावरण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा तथा इन विषयों पर वर्षभर कार्य करने हेतु विभिन्न प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे।
अधिवेशन कार्यालय उद्घाटन के शुभावसर पर मुख्य अतिथि प्रो. मिलिंद मराठे ने कहा, “यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि अभाविप का ‘राष्ट्रीय अधिवेशन’ इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित हो रहा है। इस अधिवेशन के निमित्त आज विधिवत रूप से अधिवेशन कार्यालय का उद्घाटन किया गया, जो परिषद् के कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और संगठनात्मक क्षमता का प्रतीक है। इस अधिवेशन से जो विचार एवं नए विषय सामने आएंगे, वे निश्चित ही देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे। साथ ही यह अधिवेशन राष्ट्रीय एकात्मता व बंधुता का भी संदेशवाहक होगा। मैं अभाविप के सभी कार्यकर्ताओं को इस अधिवेशन हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।”
वही अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सोलंकी ने कहा, “देहरादून में अधिवेशन कार्यालय का उद्घाटन अभाविप के इस वर्ष के राष्ट्रीय अधिवेशन की औपचारिक शुरुआत है। यह उद्घाटन केवल एक कार्यक्रम का आरंभ नहीं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के विचार, चिंतन और कार्य के एक नए अध्याय का प्रारंभ है। अभाविप का राष्ट्रीय अधिवेशन संगठन की परंपरा, प्रतिबद्धता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में विद्यार्थी शक्ति के समर्पण का उत्सव है। देवभूमि उत्तराखंड में होने वाला यह अधिवेशन शिक्षा, समाज और पर्यावरण जैसे विषयों पर गहन विमर्श का केंद्र बनेगा, जहाँ से निकलने वाले विचार और संकल्प आने वाले वर्ष में देशभर के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।”
मुद्दा टीवी, देहरादून 