उत्तराखंड के कपकोट में कुछ दिन पहले एक नाबालिक के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था जिसे लेके महिलाओं ने थाने का घेराव किया था और मामले ने तुल पकड़ा तो पुलिस ने 4 दिन के बाद रिपोर्ट दर्ज की थी। अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मामले में भाजपा सरकार को घेरते हुए अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है कि,,कपकोट में एक बालिका के साथ उसकी अस्मिता पर जबरदस्ती हाथ डालने के दुष्प्रयास का मामला सामने आया है। चार दिन बाद पुलिस जगती है, केस दर्ज करती है और वह तब केस दर्ज करती है, जब महिलाएं थाना घेरती हैं, सड़कों पर निकलती हैं। कारण बिल्कुल साफ है, क्योंकि जो व्यक्ति नामजद हुआ है वह व्यक्ति स्थानीय विधायक का अत्यधिक निकटतम व्यक्ति है। बताया जा रहा है कि एक उतना ही और निकटतम व्यक्ति भी है जिसको बचाने का प्रयास चल रहा है और वह अभी देहरादून में है।
प्रश्न यह उठता है कि क्या भाजपा इतनी अहंकारी, इतनी मदमस्त और मदहोश हो गई है कि जहां-कहीं इस तरीके के दुष्कर्म और दुर्व्यवहार के मामले हो रहे हैं, शांतरशाह गांव से लेकर के अब कपकोट तक में जो बातें आ रही हैं उनमें भाजपा के लोग या भाजपा के निकटस्थ लोगों का नाम आ रहा है और उनको बचाने का प्रयास करती हुई सत्ता दिखाई दे रही है।
यह बात सुनिश्चित हो गई है कि भाजपा के राज में उत्तराखंड में बहनें और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। 
मुद्दा टीवी।