कोटद्वार। देश के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का फैसला आखिरकार आ गया इस हत्याकांड में शामिल तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हुई है । आपको बता दे 2022में लगभग 3 साल पहले ऋषिकेश के वनतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता गायब हो गई थी और कुछ दिनों के बाद उसका शव नहर में मिला था। पुलिस ने इस मामले में वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, रिजॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। अंकिता की हत्या करने के बाद उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। आरोपियों ने अंकित भंडारी की हत्या कर शव नहर में फेंकने की बात स्वीकार की थी। अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि उसकी मौत डूबने से हुई थी और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे।
बीजेपी के नेता का बेटा है मुख्य आरोपी । बीजेपी ने कर दिया था पार्टी से निष्कासित
अंकित भंडारी की मौत का मुद्दा पूरे देश में आग की तरह फैल गया था और उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के लिए गले की फांस बन गया था इसी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने पार्टी नेता विनोद आर्य को निष्कासित कर दिया था। पुलकित आर्य विनोद आर्य का बेटा है। उत्तराखंड में न सिर्फ विपक्षी दल कांग्रेस के साथ साथ तमाम सामाजिक संगठन भी अंकिता के इंसाफ की लड़ाई पिछले ढाई साल से लगातार लड़ रहे हैं ।अंकिता के परिजनों का आरोप है कि रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता भंडारी पर देह व्यापार के लिए दबाव बनाया था और बात ना मानने पर उनकी बेटी की हत्या कर दी गई थी।वही अंकिता भंडारी हत्याकांड में SIT ने अदालत में 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 97 गवाहों के नाम थे। कोर्ट ने सभी गवाहों के बयानों को भी सुनवाई में शामिल किया था।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा राज्य सरकार की है कमी होनी चाहिए थी फांसी:
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है उम्मीद कर रहे थे कि इनको फांसी की सजा हो यह सबसे बड़े अपराधी हैं। यह राज्य सरकार के अभियोजन पक्ष की कमी है कि उन्होंने उस VIP को बचाने में सफलता पा ली जो VIP इस हत्याकांड का एक बड़ा गुनहगार है।
मुद्दा टीवी।