दिल्ली। जिस पेपर लीक मामले में पुरे देश की नजरे कोर्ट के फ़ैसले पर टिकी थी आखिरकार उस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया । जिस पेपर लीक मामले की खबर इतनी तेज़ी से हर जगह फैली थी वहीं उस पेपर लीक मामले में कोई भी गड़बड़ी नहीं है ये बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह केस ख़त्म बंद कर दिया।
आपको बता दें, एससी ने फ़ैसला करते हुए ये कहा है कि, नीट पेपर लीक मामले में कोई भी गड़बड़ी साबित नहीं हो पायी है और केवल शक की वजह से फिर से पेपर करवाना २४ लाख बच्चों के साथ नाइंसाफ़ी होगी और ऐसा करने से ना केवल एडमिशन प्रोसेस में देरी आएगी बल्कि आगे जाकर हमे प्रोफेशनल डॉक्टरों के अभाव का भी सामना करना पड सकता है। चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अदालत ने कहा कि कोई भी गड़बड़ी साबित नहीं हो पायी है और एसे में फिर से नीट यूजी परीक्षा करवाना ग़लत है।
अदालत ने कहा, कोई गड़बड़ी ना होने के बावजूद भी पेपर फिर से करवाना हज़ारों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा और यह सबसे ज़्यादा चिंता का विषय उन बच्चों के लिये होगा जिन्हें सीटों पर आरक्षण मिला था और इस वजह से जो कॉलेज का एक एडमिशन टाइमिंग होता है , उस पर भी प्रभाव पड़ेगा।
शुरू होंगी अब नीट की काउन्सलिंग
कोर्ट के इस आदेश को नज़र रखते हुए आज से नीट की काउन्सलिंग भी शुरू होने वाली है। अदालत ने कहा कि नीट पेपर लीक की बात केवल हज़ारी नगर में ही साबित हो पायी है। और व्यवस्थागत लीक की बात साबित नहीं हो पायी है, जिसके चलते सभी बच्चो की परीक्षा को रद्द करार देना उचित नहीं है। बेंच ने कहा कि अब तक केवल १५५ छात्रों को ही लीक से फ़ायदे की आशंका है और इसके चलते एक बड़े पैमाने के लिए आदेश जारी नहीं किया जा सकता। और नहीं उनके भविष्य को दाव पर लगाया जा सकता है।
रेशम खान। मुद्दा टीवी