लोकसभा चुनाव होने वाले है और जन प्रतिनिधि विकास की बड़ी बड़ी बातें कर रहे हैं। लेकिन अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर विधानसभा में एक ऐसा गांव है जहां आज तक भी सड़क नहीं पहुंच पाई है। जबकि उत्तराखंड राज्य को उत्तर प्रदेश से अलग हुए दो दशक से ऊपर हो गए, ये गांव है चामी गांव। चामी गांव की आबादी वर्तमान में लगभग 1200 हैं। ये गांव धौलादेवी विकासखंड के अंतर्गत आता है, और वमनस्वाल लमगड़ा मोटर मार्ग से पांच किलोमीटर दूर है। इस गांव के लोग सालो से सड़क की मांग कर रहे हैं, ।
इस गांव के लोगों का कहना है कि बीमारों और गर्भवती महिलाओं के लिए समस्या तब खड़ी होती है जब उन्हे इमरजेंसी में डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि इस गांव के लोगो ने सड़क के लिए कोशिश न की हो इन लोगो ने सड़क की मांग को लेकर जन प्रतिनिधियो और अधिकारियों से कई बार गुहार भी लगाई, और मुश्किल से किसी तरह विधायक निधि, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत निधि से दो किलोमीटर सड़क का निर्माण ही हो पाया। इसके बाद आगे के निर्माण कार्य के लिए ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटे लेकीन कोई फायदा नहीं हुआ।
अब गांव के लोगो ने आगे के निर्माण के लिए चंदा एकत्रित कर खुद ही सड़क निर्माण करने की ठान ली है। इसके लिए गांव के लोगो ने चंदा इकट्ठा कर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है, साथ ही ग्रामीणों ने आने वाले लोकसभा चुनाव में शामिल न होने की बात भी कही है और चुनाव में शामिल न होने से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम अल्मोड़ा को भी दिया है। वहीं चामी गांव के ग्राम प्रधान गणेश प्रसाद का कहना है कि आज कई साल बीत जाने के बाद भी हमारे गांव तक सड़क नहीं पहुंची, जिस वजह से हमे बीमार और गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है। हमारे गांव के लोगो ने चंदा एकत्रित कर खुद सड़क निर्माण शुरु किया है और इस बार हम लोकसभा चुनाव में भागीदारी नही निभायेंगे।