ऋषिकेश। एक तरफ़ जहां पूरा देश श्री राम नाम के दीपक जला रहा था, वही एक परिवार दीपक रोशन करने वाली बेटी को खोने से गम में डूब गया। क्या प्रभु राम के भजन में अभद्र हरकत करने से मना करने का अंजाम मौत है? रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में भारत की हर भूमि पर भजन कीर्तन का मौहल था। ऋषिकेश के मायाकुण्ड में जयकल देवी के घर में भी श्रीराम का भजन चल रहा था, जिस दौरान पड़ोसी शिव शंकर सहानी कपड़े उतारकर नाचने लगा जिसके विरोध में सकल सहानी की 19 वर्षीय बेटी रूपा ने आवाज़ उठायी तो पड़ोसी शिव शंकर सहानी ने उसके सिर पर प्रेशर कुकर मार दिया। घायल रूपा को एम्स पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर चोट के कारण उसने अस्पताल में अपना दम तोड़ दिया। ऋषिकेश कोतवाली पुलिस के मुताबिक,पिता का आरोप है कि शिव शंकर ने अपने भाई लड्डू, छोटू, पिता बैजनाथ और पारिवारिक महिलाओं सुनैना, रूपा देवी और गंगा देवी के साथ मिलकर हमला कर दिया। घटना में उनकी बेटी रूपा, भाई भीम साहनी, बहनोई बलदेव साहनी और वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गए। बाक़ी सभी को भी ऐम्स में भर्ती कराया गया जो कि उपचार के बाद ठीक हो गये लेकिन डॉक्टर बेटी रूपा को बचा नहीं पाये।
एसएसआई उत्तम रमोला ने बताया कि आरोपी शिवशंकर समेत उसके परिवार के सात लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश है।आरोपियो पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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