
अल्मोडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर नल हर घर जल योजन से सम्बंधित अधिकारी अक्सर ये कहते हुए नज़र आते है कि हर घर में पानी का नल लगाया जा रहा है ताकी लोगो को पीने का पानी मिल सके। कई बार हम देख रहे हैं कि अधिकारी अपनी रिर्पोट में यह दावे कर रहे हैं कि उत्तराखंड के अमुख गांव में हर घर में नल है और हर घर में पीने के पानी के लिए जल है ।
लेकिन अधिकारियो के दावों की पोल तब खुल जाती है जब आपको पता चलता है की अल्मोड़ा शहर से केवल 25 मिनट की दूरी पर स्थित मनीआगर गांव मे आज भी 45 परिवार ऐसे हैं जिनको आज भी इंतजार है की वो दिन कब आएगा जब उनके घरों में पानी का नल लगेगा । इस गांव के लोगों का कहना है कि कहने को तो हमारा गांव आदर्श गांव है लेकिन हालात देखकर कही से भी नही लगता कि ये आदर्श गांव है।
ऐसा नहीं है कि सरकार ने इस गांव के लिए पानी की स्कीम नहीं दी बल्कि इस गांव के लिए पानी की दो बड़ी स्कीम सरकार की तरफ से दी गई थी । पहली स्कीम 30 लाख की थीं जिसे ज़िला पंचायत अल्मोड़ा के अधिकारियों ने ज़िला अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अल्मोड़ा विरेंद्र कुमार आर्य के साथ मिलकर भ्रष्टाचार की भेट चढ़ा दिया और 40 साल पुरानी टैंक को चूना पोतकर गांव के लोगों की उम्मीदों पर भी चूना पोत दिया।
और दूसरी योजना जो की 23 लाख की है इस योजना का काम भी वीरेंद्र कुमार आर्य ठेकदार ही करा रहा था लेकिन 30 लाख की योजना मे भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आने के बाद यह योजना पिछले 1 साल से अटकी है जिसका खामियाजा इस गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिला पंचायत के अधिकारी ना तो इस गांव में इस पानी की योजना के काम को शुरू करवा रहे हैं ना ही किसी और ठेकेदार को गांव में पानी का अधूरा कार्य करने के लिए अनुबंधित कर रहे हैं। क्यों ज़िला पंचायत अल्मोड़ा के अधिकारी मनिआगर गांव में पानी की योजना का काम शुरु नही कर रहे ये तो कोई नही जानता लेकिन ज़िला पंचायत अल्मोड़ा के अधिकारियों के कारनामों की सजा आज यह गांव भुगत रहा है। जिससे यहां के लोगो में गुस्सा है।
नाम न छापने की शर्त पर इसी गांव में रहने वाले एक युवा बोलते हैं की इस गांव के लिए जनप्रतिनिधि भी गुम है जो वोट मांगते समय तो दावे बड़े बड़े करते हैं लेकिन आज तक ना तो विधायक का कही अता पता है ना ही सांसद का लेकिन चुनाव आने वाले हैं तब मैं सवाल करूंगा उनसे की अब तक कहा थे अभी तक हमारे घरों में पानी क्यों नहीं आया ?

मुद्दा टीवी।