उत्तराखंड। उत्तरकाशी जिले के ब्रह्मखाल बड़कोट के बीच सिलक्यारा सुरंग धसने के कारण टनल में 40 लोग फंसे हुए हैं जिनको बचाने के लिए कार्य किया जा रहा है इनको बचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य लगातार जारी है ।वहीं अब हाइड्रोलिक मशीन की सहायता से श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है ।एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है।
वही इस बीच शासन ने सिलक्यारा सुरंग में हुए भूस्खलन के अध्ययन और कारण की जांच के लिए निदेशक उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण और प्रबंधन केंद्र की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है। इस जांच समिति ने स्थल का निरीक्षण कर जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है इस जांच समिति में शामिल विशेषज्ञों का यह दल बीते दिन ही घटनास्थल पर पहुंच गया था । वैज्ञानिक सुरंग और उसके ऊपर की पहाड़ी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर रहे हैं विशेषज्ञों के इस दल में यूएसडीएमए देहरादून के निदेशक डॉक्टर शांतनु सरकार ,वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ हिमालय जियोलॉजी के वैज्ञानिक डॉ खइंग सींग,जीएसआई के वैज्ञानिक सुनील कुमार यादव ,वरिष्ठ वैज्ञानिक सीबीआरआई रुड़की ,कौशल पंडित ,उपनिदेशक भूतत्व एवं खनिजकर्म विभाग जीडी प्रसाद और भू वैज्ञानिक यूएसडीएमए देहरादून तंद्रीला सरकार शामिल है ।
सिलक्यार सुरंग धसने के कारणों की जांच के लिए टीम गठित, वाडिया, सीबीआरआइ, यूएसडीएमए के ये वैज्ञानिक करेंगे जांच