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ज़िला पंचायत अल्मोड़ा के अधिकारियों और घोटालेबाज बीजेपी ज़िला अध्यक्ष अ.मो.अल्मोड़ा ने दिखाया प्रधानमन्त्री मोदी के हर घर नल हर घर जल योजना को ठेंगा, डीएम अल्मोड़ा को गांव वालो का लिखा पत्र वायरल

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अल्मोडा। जिला पंचायत अल्मोड़ा और मनियागर गांव आजकल चर्चा में है और चर्चा का कारण है भाजपा जिला अध्यक्ष अल्मोड़ा अनुसूचित मोर्चा वीरेंद्र कुमार आर्य और जिला पंचायत के अधिकारियों की मिलीभगत से 40 साल पुरानी टैंक को चुना पोतकर 30 लाख रुपए की पेयजल योजना को हड़प जाना ।

वहीं अब मनियागर गांव में पेयजल की समस्या के ऊपर 2022 मे तत्कालीन डीएम अल्मोड़ा को गांव वालों के द्वारा लिखा गया पत्र अब मनिआगर गांव में पेयजल योजना में 30 लाख का घोटाला उजागर होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जो गांव के लोगों के द्वारा अल्मोड़ा की तत्कालीन डीएम को 17 जून सन 2022 को लिखा गया है । जिसमें गांव के लोगों ने गांव में पानी की समस्या का जिक्र करते हुए लिखा है कि गांव के कई परिवार पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं । सरकार के हर घर नल हर घर जल के नारे की सच्चाई भी गांव वालों के द्वारा लिखा गया यह पत्र बयां कर रहा है की गांव में हर घर नल हर घर जल का नारा कितना सार्थक हो रहा है । साथ ही इस पत्र के बिंदु संख्या दो में गांव के लोगों ने लिखा है कि मनियागर गांव के लिए हर घर नल हर घर जल योजना के अंतर्गत 2021 में टेंडर पारित होकर राशि भी स्वीकृत हो चुकी है परंतु पर्याप्त अंतरालय के बाद भी इस अनुसूचित जाति के लोगों के घर न तो नल से जल आया और ना ही योजना का पुनरुद्धार हुआ।

तो आप अंदाजा लगा सकते हैं की मनिआगर गांव में हर घर नल हर घर जल की क्या स्थिति है और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं जिला पंचायत अल्मोड़ा के वो अधिकारी जिन्होंने पहले तो पेयजल योजना के अंतर्गत अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष अल्मोड़ा वीरेंद्र कुमार ठेकेदार के साथ मिलकर मनिआगर गांव मे 30 लाख के पुरानी टैंक को चूना पोतकर 30 लाख रुपए हड़प लिए और उसके बाद इस गांव में पेयजल योजना से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए 23 लाख का टेंडर फिर 2021 में इसी घोटालेबाज बीजेपी के जिला अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा वीरेंद्र कुमार आर्य के नाम कर दिया । जबकि आज ढाई साल बीत जाने के बाद भी इस योजना में कितना कार्य हुआ है ? और यह कार्य कब तक पूरा होगा ? और इस योजना में कार्य मानकों के अनुरूप हो भी रहा है या नहीं हो रहा है इसको देखने सुनने वाला कोई नहीं है और गांव में पानी के क्या हालात हैं इसकी सच्चाई यह पत्र बयां कर रहा है ।

अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब तक ज़िला पंचायत अल्मोड़ा के उन भ्रष्ट अधिकारीयों का ज़मीर सोया रहता है जो इन गांव वालों के इस पत्र के बाद भी सोए हुए हैं और आज भी गांव के सैकड़ों लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

एडिटर इन चीफ, देवेंद्र प्रसाद, मुद्दा टीवी ख़बर।

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