अल्मोड़ा। अल्मोड़ा की जागेश्वर विधानसभा में विधायक मोहन सिंह मेहरा द्वारा अनुसूचित गांव में अवस्थापना सुविधाओं से जुड़े पांच विकास कार्यों के 82.44 लाख के कार्य टेंडर होकर काम शुरू हो जाने के बाद डीएम अल्मोड़ा को पत्र लिखकर रोक दिए गए थे यह मामला हाईकोर्ट में चला गया था और हाईकोर्ट ने डीएम अल्मोड़ा और जागेश्वर विधानसभा के विधायक मोहन सिंह मेहरा को फटकार लगाते हुए काम दोबारा शुरू करने की आदेश दिए थे और कहा था कि जिनके पास सरकारी काम में हस्तक्षेप करने का अधिकार नही है वो भी सरकारी काम में हस्तक्षेप कर रहे हैं। साथ ही नैनिताल हाईकोर्ट ने डीएम अल्मोड़ा और जागेश्वर विधानसभा से विधायक मोहन सिंह मेहरा को नोटिस भी दिया है ।
वहीं अब इस मामले में जागेश्वर विधानसभा के पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा है कि अनुसूचित गांव के लिए आए पांच विकास कार्यों के टेंडर हो जाने के बाद और काम शुरू हो जाने के बाद कामों को रोका जाना सरासर गलत है और नियमों के खिलाफ है काम शुरू होने के बाद जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा द्वारा काम रोका जाना यह बताता है कि यह काम इसलिए रोका गया था क्योंकि कहीं ना कहीं अपनी चहेतो को टेंडर दिलाने की मंशा से यह कदम उठाया गया है जो कि गलत है कांग्रेस द्वारा इसका विरोध भी किया गया है । जागेस्वर विधानसभा के लमगड़ा और जैती में विधायक मोहन सिंह मेहरा का पुतला भी फूंका गया है।
वही सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था जिस कारण विधायक मोहन सिंह मेहरा को अपने ही विधानसभा के अनूसूचित गांव के लिए आई योजनाओं को रोकना पड़ा जबकि इन्ही अनूसूचित गांव के लोगों के वोट से मोहन सिंह मेहरा चुनाव जीतकर बीजेपी पार्टी से विधायक बने क्योंकि पहले अनूसूचित समाज का वोट कॉन्ग्रेस को मिलता आया है लेकिन 2022 के चुनाव में लगभग 80 प्रतिशत वोट अनूसूचित समाज का जगेश्वर विधानसभा में मोहन सिंह मेहरा को मिला ऐसे में मोहन सिंह मेहरा के खिलाफ़ अनूसूचित समाज के लोगो मैं भी आक्रोश बताया जा रहा है।
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