हरिद्वार। पूरा देश छठ पर्व के उल्लास में डूबा हुआ है और हर तरफ छठ के रंग में लोग रंगे हुए नजर आ रहे हैं उत्तराखंड के हरिद्वार में भी आज हजारों लोगों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्य देव की पूजा की। हजारों की संख्या में गंगा मां के किनारे डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए हजारों लोग पूजा की थाल के साथ नजर आए और अपने अपने तरीके से लोगों ने सूर्य देवता को अर्घ्य देकर गंगा घाट के किनारे पूजा अर्चना की।
इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ हरीद्वार के वाइस प्रेसिडेंट अनित मिश्रा जो आज हरिद्वार के वीवीआईपी घाट में डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पहुंचे थे अपने परिवार और साथियों के साथ जब उनसे मुद्दा टीवी की टीम ने बात की तो उन्होंने बताया कि इस त्योहार को कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता हैं। लोक मान्यताओं के अनुसार सूर्य षष्ठी के व्रत को करने से समस्त रोग, और संकट का नाश होता है। घाट पर पंडित के माध्यम से पहले शाम को और फिर अगले दिन सुबह गाय के कच्चे दूध से भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता हैं। इसकी शुरुआत नहाए खाए से हो चुकी है और कल डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर ये पूजा संपन्न होगी।
वहीं उत्तराखंड के रहने वाले मनीष कुमार और कुलदीप ने कहा कि हम रहने वाले तो उत्तराखंड के हैं लेकिन छठ पर्व को हम अपने परिवार के साथ वैसे ही मनाते हैं जैसे दिवाली और होली मनाते हैं यह हम सबको एकता का भाव सिखाता है।
मुद्दा टीवी ख़बर, हरिद्वार 